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Durga Maa Ki Aarti Om Jai Ambe Gauri

Durga Aarti Lyrics : Om Jai Ambe Gauri

Durga Aarti Lyrics : Om Jai Ambe Gauri  माँ दुर्गा की बहुत ही सुन्दर आरतियों में से एक है जिसको गाने या सुनने मात्र से ही सारी दुख व बाधाएं दूर हो जाती हैं और माँ दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस स्तुति में माँ दुर्गा जी की पूजा करते हुए उनसे प्रार्थना की गई है कि वे हमारे सभी कष्टों को दूर करें और जीवन में वैभव और संपन्नता लाएं।

इस पोस्ट के माध्यम हम आपको इस भजन का हिन्दी में भावार्थ समझाएँगे। लेकिन उस से पहले एक बार भजन का मूल रूप देख लें । 

Durga Aarti Lyrics In Hindi

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवहरी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को । 
उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। 
रक्त पुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।  
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुख हारी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। 
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती। 
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। 
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी। 
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों ।  
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता । 
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी। 
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। 
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै। 
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवहरी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

Durga Aarti Lyrics Om Jai Ambe Gauri Meaning In Hindi

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 
तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवहरी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी… ” का अर्थ :

हे माता अम्बे गौरी आपकी जय हो। माता गौरी आप श्याम रंग की हो।
शक्तिशाली त्रिमूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी भी आपका दिन-रात ध्यान करते हैं|

माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को । 
उज्जवल से दो‌ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“माँग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को…” का अर्थ :

आपके माथे में सिंदूर सजता है तथा आपने जो टीका लगाया है, उससे कस्तूरी की मंत्रमुग्ध करने वाली खुशबू आती है।

आपकी दोनों आंखें बहुत ही उज्ज्वल हैं और आपका चाँद जैसा चेहरा इतना खूबसूरत है की वह मंत्रमुग्ध कर देता है।

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। 
रक्त पुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै…” का अर्थ :

आपका शरीर कनक (सोने) के समान चमकता है उसमें आपने लाल रंग के वस्त्र पहने हुये हैं जो आपको बहुत ही सुशोभित कर रहे हैं और आपके गले में लाल फूलों की माला हार की तरह सज रही है

केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी।  
सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुख हारी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

“केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्पर धारी…” का अर्थ :

हे देवी, एक शेर आपका वाहन हैं जिसपर आप विराजमान हैं। आपके एक हाथ में एक खोपड़ी है तथा दूसरे हाथ में एक तलवार है।

जो भी देवता, सज्जन पुरुष तथा संत आपकी सेवा करते है, आप उनके सभी दुख दूर कर देती हैं ।

कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। 
कोटिक चन्द्र दिवाकर, सम राजत ज्योति॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती…” का अर्थ :

आपके कानों में कुंडल तथा नाक में मोती सुशोभित है। 

आप कि ज्योति एक हजार सूर्य और चंद्रमा से भी अधिक चमकदार है|

शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती। 
धूम्र विलोचन नैना, निशिदिन मदमाती॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“शुम्भ-निशुम्भ बिदारे, महिषासुर घाती…” का अर्थ :

हे देवी, आपने ही शुम्भ, निशुम्भ, महिषासुर और धुम्र लोचन जैसे दैत्य का वध किया। आपकी आँखें में हर समय क्रोध कि लहर दिखती है ।

चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे। 
मधु-कैटभ दो‌उ मारे, सुर भयहीन करे॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“चण्ड-मुण्ड संहारे, शोणित बीज हरे…” का अर्थ :

माँ देवी आपने चंड और मुंड का संहार किया। और उनके खून से उनका जो बीज उत्पन्न हो रहा था उसको अपनी जिह्वा में लेकर उस बीज को खत्म कर दिया।

आपने ही मधु और कैटभ नाम के राक्षसों का सर्वनाश किया जिससे देवताओं का भय दूर हुआ।

ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी। 
आगम-निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“ब्रहमाणी रुद्राणी तुम कमला रानी…” का अर्थ :

आप भगवान ब्रह्मा कि शक्ति हो, आप भगवान शिव कि भी शक्ति हो और साथ ही आप भगवान विष्णु कि लक्ष्मी भी हो।

आप भूत तथा भविष्य का बखान (बताने वाली) करने वाली हो तथा शिवजी कि महारानी हो।

चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों ।  
बाजत ताल मृदंगा, और बाजत डमरु॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“चौंसठ योगिनी गावत, नृत्य करत भैरों…” का अर्थ :

जब आप मृदंग और डमरू बजाती हैं तो उसकी ताल पर चौंसठ योगिनियाँ गायन करती हैं तथा शिवजी नाच करते हैं।

तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता । 
भक्‍तन की दु:ख हरता, सुख सम्पत्ति करता॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“तुम ही जग की माता, तुम ही हो भरता…” का अर्थ :

आप इस जगत की माता हो, आप ही इस जग का पालन करती हो। आप अपने भक्तों के दुखों को हर लेती हो और सुख संपत्ति भी ही देती हो।

भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी। 
मनवान्छित फल पावत, सेवत नर-नारी॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“भुजा चार अति शोभित, वर-मुद्रा धारी…” का अर्थ :


आप कि चार भुजाएँ हैं जो आपके ऊपर अत्यधिक सोभा देती है। अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए आपने वर-मुद्राओं को धारण किया हुआ है|

जो भक्त आपकी पूजा-अर्चना करते हैं, उनको आप मन चाहा फल देती हैं |

कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती। 
श्रीमालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“कन्चन थाल विराजत, अगर कपूर बाती…” का अर्थ :

सोने कि थाल में तुम्हारे लिए अगरबत्ती, कपूर जैसी वस्तुएं रखी जाती हैं| आपकी रोशनी शक्तिपीठ के करोड़ों रत्नों की तुलना से भी अधिक है|

श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै। 
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख सम्पत्ति पावै॥ 
ॐ जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। 

“श्री अम्बेजी की आरती, जो को‌ई नर गावै…” का अर्थ :

शिवानंद स्वामी कहते हैं कि जो कोई इंसान अम्बे माता की आरती गाता है, वह सुख और धन-धान्य से संपन्न हो जाता है।

Durga Aarti Lyrics Om Jai Ambe Gauri Lyrics In English

Durga Aarti Lyrics: Om Jai Ambe Gauri is one of the very beautiful aartis of Maa Durga, which removes all sorrows and obstacles and gets blessings of Maa Durga just by singing or listening.

Worshiping Goddess Durga in this praise, she has been prayed to remove all our sufferings and bring glory and prosperity in life.

Through this post, we will explain the meaning of Durga Aarti Lyrics But before that, take a look at the original form of Aarti.

Durga Aarti Lyrics In English

Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri,
Tumko nish-din dhyavat, hari brahma shivji.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Maang sindoor virajat, tiko mrig-mad ko,
Ujjwal se dou naina, chandra vadan niko.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Kanak samaan kalewar, raktaambar raaje,
Rakt pushp gal-mala, kanthan par saaje.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Kehri vahan rajat, kharag khapar dhaari,
Sur nar muni jan sevat, tinke dukh haari.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Kanan kundal shobhit, naas-agre moti,
Kotik chandra divakar, sum rajat jyoti.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Shumbh ni-shumbh vidare, mahisha sur ghati,
Dhumra-vilochan naina, nish-din- mad mati.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Chandh mundh sangh-haare, shonit beej hare,
Madhu kaitabh dou maare, sur bhe heen kare.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Brahmani rudrani, tum kamla rani,
Aagam nigam bakhani, tum shiv patrani.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Chon-sath yogini gavat, nritya karat bhairon,
Baajat taal mridanga, aur baajat damaroomaroo.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Tum ho jag ki maata, tum hi ho bharta,
Bhakto ki dukh harata, sukh sampati karata.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Bhuja chaar ati shobit, var mudra dhaari,
Man vaanchit phal pavat, sevat nar naari.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Kanchan thaal virajat, agar kapoor baati,
Shri maal-ketu me rajat, kotik ratan jyoti.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Shri ambe-ji-ki aaarti, jo koi nar gaave,
Kahat shivanand swami, sukh sampati pave.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Durga Aarti Lyrics Om Jai Ambe Gauri Meaning In English

Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri,
Tumko nish-din dhyavat, hari brahma shivji.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri…” :

O Mother Ambe Gauri hail you. Mata Gauri, you are of a dark complexion.
The mighty Trimurti – Brahma, Vishnu and Shiva also meditate on you day and night.

Maang sindoor virajat, tiko mrig-mad ko,
Ujjwal se dou naina, chandra vadan niko.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Maang sindoor virajat, tiko mrig-mad ko…” :

There is vermilion in your forehead and the tilak you have applied gives the mesmerizing scent of musk.

Both your eyes are very bright and your moon-like face is so beautiful that it mesmerises.

Kanak samaan kalewar, raktaambar raaje,
Rakt pushp gal-mala, kanthan par saaje.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Kanak samaan kalewar, raktaambar raaje…” :

Your body shines like gold, in which you are wearing red colored clothes which are beautifying you very much and a garland of red flowers is adorning your neck like a necklace.

Kehri vahan rajat, kharag khapar dhaari,
Sur nar muni jan sevat, tinke dukh haari.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Kehri vahan rajat, kharag khapar dhaari…” :

O Goddess, a lion is your vehicle on which you are sitting. You have a skull in one hand and a sword in the other hand.

Whatever gods, gentle men and saints serve you, you remove all their sorrows.

Kanan kundal shobhit, naas-agre moti,
Kotik chandra divakar, sum rajat jyoti.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Kanan kundal shobhit, naas-agre moti…” :

The earring in your ears and the pearl in your nose are very beautiful. your light is brighter than a thousand suns and moons.

Shumbh ni-shumbh vidare, mahisha sur ghati,
Dhumra-vilochan naina, nish-din- mad mati.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Shumbh ni-shumbh vidare, mahisha sur ghati…” :

O Goddess, you killed the demons like Shumbh, Nishumbha, Mahishasura and Dhumra-Lochan. There is a wave of anger in your eyes all the time.

Chandh mundh sangh-haare, shonit beej hare,
Madhu kaitabh dou maare, sur bhe heen kare.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Chandh mundh sangh-haare, shonit beej hare…” :

Mother Goddess, you killed Chand and Mund. And the seed that was being born with their blood, you took that seed in your tongue.

You were the destroyer of demons named Madhu and Kaitabha,Due to which the fear of the gods was removed.

Brahmani rudrani, tum kamla rani,
Aagam nigam bakhani, tum shiv patrani.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Brahmani rudrani, tum kamla rani…” :

You are the power of Lord Brahma, you are also the power of Lord Shiva and you are also the Lakshmi of Lord Vishnu. You are the one to tell the past and the future and you are the queen of Shiva.

Chon-sath yogini gavat, nritya karat bhairon,
Baajat taal mridanga, aur baajat damaroomaroo.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Chon-sath yogini gavat, nritya karat bhairon…” :

When you play mridangam and damru, sixty-four yoginis sing and Shivji dances on his rhythm.

Tum ho jag ki maata, tum hi ho bharta,
Bhakto ki dukh harata, sukh sampati karata.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Tum ho jag ki maata, tum hi ho bharta…” :

You are the mother of this world, you run this world. You remove the sorrows of your devotees and also give happiness and wealth.

Bhuja chaar ati shobit, var mudra dhaari,
Man vaanchit phal pavat, sevat nar naari.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Bhuja chaar ati shobit, var mudra dhaari…” :

You have four arms which are very beautiful on you. To bless your devotees, you have been wearing Vermudras. Those devotees who worship you, give them the desired results.

Kanchan thaal virajat, agar kapoor baati,
Shri maal-ketu me rajat, kotik ratan jyoti.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Kanchan thaal virajat, agar kapoor baati…” :

Items like incense sticks, camphor are kept for you in a plate of gold. Your light is more than that of crores of jewels of Shaktipeeth.

Shri ambe-ji-ki aaarti, jo koi nar gaave,
Kahat shivanand swami, sukh sampati pave.
Jai ambe gauri, mayya jai shyama gauri..

Meaning of “Shri ambe-ji-ki aaarti, jo koi nar gaave…” :

Shivanand Swami says that a person who sings the Aarti of Ambe Mata is endowed with happiness and wealth.

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