Dadu Tales

Ganga Aarti Om Jai Gange Mata

Ganga Aarti Om Jai Gange Mata aarti

Ganga Aarti Om Jai Gange Mata

ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।
जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता।
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।।

चंद्र सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता।
शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता।
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।।

  पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता।
कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता।
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।।

एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता।
यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता।
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।।

आरति मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता।
सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता।
ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता।।

पूजन विधि

गंगा माँ की पूजा करने के लिए, पहले स्नान करके शुद्ध होना चाहिए। इसके बाद, आप पूर्व की ओर मुख किए हुए आसन पर बैठ जाएं। यदि सामने गंगा माँ की मूर्ति या तस्वीर हो तो अच्छा है। हाथ में चावल, फूल और दूर्वा लेकर आरती करने के बाद गंगा माँ का ध्यान करना चाहिए।

मंत्र

इस मंत्र का जाप करें 

नमो भगवते दशपापहराये गंगाये नारायण्ये रेवत्ये शिवाये दक्षाये अमृताये विश्वरुपिण्ये नंदिन्ये ते नमो नम:

(अर्थ :- भगवती दशपाप हरने वाली गंगा, नारायणी, रेवती, शिवा, दक्षा, अमृता, विश्वरुपिणी, नंदनी को नमस्कार।)।

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