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sukhkarta dukhharta lyrics : jai dev jai dev jai mangal murti

sukhkarta dukhharta lyrics : jai dev jai dev jai mangal murti

Sukhkarta Dukhharta Lyrics : Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti

Sukhkarta Dukhharta Lyrics : Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti भगवान श्री गणेश जी के बहुत ही सुन्दर भजन /आरती में से एक है जिसको गाने या सुनने मात्र से ही सारी दुख व बाधाएं दूर हो जाती हैं और श्री गणेश जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

इस स्तुति में भगवान श्री गणेश जी की पूजा करते हुए उनसे प्रार्थना की गई है कि वे हमारे सभी कष्टों को दूर करें और जीवन में वैभव और संपन्नता लाएं।

इस पोस्ट के माध्यम हम आपको इस भजन का हिन्दी में भावार्थ समझाएँगे। लेकिन उस से पहले एक बार भजन का मूल रूप देख लें । 

ॐ ॐ ॐ
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभा, निर्विघ्नं कुरुमेदेव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
ॐ…

ॐ गण गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धि विनायक नमो नमः।
अष्टविनायक नमो नमः, गणपति बाप्पा मोरया॥
मंगल मूर्ति मोरया…

ॐ गण गणपतये नमो नमः, श्री सिद्धि विनायक नमो नमः।
अष्टविनायक नमो नमः, गणपति बाप्पा मोरया॥
मंगल मूर्ति मोरया…

सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची, नूरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची।
सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदुराची, कंठी झळके माल मुक्ताफळाची॥
जय देव, जय देव…

जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…
जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…

रत्नखचिता फरा तुझा गौरीकुमारा, चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा।
हीरेजडित मुकुट शोभतो बरा, रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया॥
जय देव, जय देव…

जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…

सेंदुर लाल चढायो अच्छा गजमुख को, दोंदिल लाल बिराजे सूत गौरिहार को।
हाथ लिए गुड़ लड्डू साईं सुरवर को, महिमा कहे न जाय लागत हूँ पद को॥
जय देव, जय देव…

जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता, धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता।
जय देव, जय देव…
जय जय जी गणराज विद्यासुखदाता, धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मत रमता।
जय देव, जय देव…

लंबोधर पीताम्बर फणिवर बंधना, सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना।
दास रामाचा वाट पाहे सदना, संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवर वंदना॥
जय देव, जय देव…

जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…

जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…

जय देव, जय देव जय मंगलमूर्ति, दर्शनमात्रे मानकामना पूर्ति।
जय देव, जय देव…

Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Meaning In Hindi

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची । नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची
सार्वांगी सुन्दर उटि शेंदुराची । कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति|

“सुख करता दुखहर्ता वार्ता विघ्नची” का अर्थ :

श्री गणेश जी, भगवान जो साधक के सभी कष्टों को दूर करते हैं और सुख देने वाले हैं, काम की महिमा और सिद्धि देने वाले हैं। श्री गणेश सभी दुखों को हरने वाले हैं और बहुत दयालु हैं।

इस तरह के भगवान श्री गणेश हर जगह अपने प्यार और आशीर्वाद को फैलाते हैं। श्री गणेश का शरीर लाल और नारंगी है।

सुंदर मोती की एक माला श्री गणेश के गले में सुशोभित है। ऐसे सुंदर और दयालु भगवान गणेश के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

रत्नखचित फरा तुज गौरी कुमरा । चंदनाची उटि कुंकुमकेशरा ।।
हीरेजडित मुगुट शोभतो बरा । रुनझुनती नूपुरे चरनी घागरिया।।
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति । दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति।।

“रत्नखचित फरा तुज गौरी कुमरा” का अर्थ :

हे गौरी पुत्र श्री गणेश यह रत्नो से जादा हुआ मुकुट आपके लिए है। आपके शरीर पर चंदन का लेप होता है और आपके माथे पर केसर का तिलक लगाया जाता है। हीरे और रत्नों से सुसज्जित मुकुट आपको सुशोभित कर रहा है।

आपके पैरों का नुपुर भी मधुर झंकार की आवाज पैदा कर रहा है। हे दया के सागर श्री गणेश जी आपकी कृपा और दृष्टि से ही भक्तजनों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

लम्बोदर पिताम्बर फणिवर बंधना। सरळ तोंड वक्रतुंड त्रिनयना।।
दास रामाचा वाट पाहे सदना । संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे सुरवरवंदना।।
जयदेव जयदेव जय मंगलमूर्ति। दर्शनमात्रे मनकामना पूर्ति।।

“लम्बोदर पिताम्बर फणिवर बंधना” का अर्थ :

हे बड़े पेट वाले भगवान श्री गणेश जी जो पीला वस्त्र धारण किए हुये हो, आपने धोती पहनी है । आपकी सूंड सरल और घुमावदार है साथ ही आपकी तीन आंखें भी हैं।

मैं भगवान राम के भक्त की तरह अपने “सदाना” (घर) में आपका इंतजार कर रहा हूँ। हे दया के सागर श्री गणेश जी आपकी कृपा और दृष्टि से ही भक्तजनों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

sukhkarta dukhharta lyrics : jai dev jai dev jai mangal murti

Sukhkarta Dukhharta Lyrics : Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti In English

Sukhkarta Dukhharta Lyrics : Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti is one of the very beautiful bhajans / aarti of Lord Shri Ganesha, which removes all the sorrows and obstacles and gets the blessings of Shri Ganesha by just singing or listening.

Worshiping Lord Shri Ganesha in this praise, he has been prayed to remove all our sufferings and bring glory and prosperity in life.

Through this post, we will explain the meaning of this bhajan to you in Hindi. But before that, take a look at the original form of the hymn.

Om Om Om
Vakra-Tunndda Maha-Kaaya, Suurya-Kotti Samaprabha
Nirvighnam Kuru Me Deva, Sarva-Kaaryessu Sarvadaa

Om…

Om Gan Ganapataye Namo Namah, Shri Shidhivinayak Namo Namah
Astavinayak Namo Namah, Ganapati Bappa Moraya..
Mangal Moorti namo Namah…

Sukhakarta Dukhaharta Varta Vighnachi, Nurvi Purvi Prema Kripa Jayachi
Sarvangi Sundara Uti Shendurachi, Kanthi Jhalake Maala Muktaphalanchi

Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati
Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati
Ratnakhachita Phara Tuja Gaurikumara, Chandanachi Uti Kumkumkeshara

Hire Jadita Mukuta Shobhato Bara, Runjhunati Nupure Charni Ghagaria
Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati
Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati

Lambodara Pitambara Phanivara Bandhana, Sarala Sonda Vakratunda Trinayana
Daasa Ramacha Vaata Pahe Sadana, Sankati Pavave Nirvani Rakshave Suravaravandana

Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati
Jai Dev Jai Dev Jai Mangalamurti, Darshanamatre Manakamana Purati

Sukhkarta Dukhharta Lyrics : Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti Meaning In English

Sukhakarta Dukhaharta Varta Vighnachi, Nurvi Purvi Prema Kripa Jayachi
Sarvangi Sundara Uti Shendurachi, Kanthi Jhalake Maala Muktaphalanchi

Meaning of “Sukhakarta Dukhaharta Varta Vighnachi” :

Shri Ganesh ji, the God who removes all the sufferings of the seeker and is the one who gives happiness, is the glory and accomplishment of the work.

Shri Ganesh is the one to defeat all sorrows and is very kind. Such Lord Shri Ganesha spreads his love and blessings everywhere. Shri Ganesh’s body is red and orange.

A garland of beautiful pearls adorns the neck of Shri Ganesha. All wishes are fulfilled with the mere sight of such beautiful and kind Lord Ganesha.

Ratnakhachita Phara Tuja Gaurikumara, Chandanachi Uti Kumkumkeshara
Hire Jadita Mukuta Shobhato Bara, Runjhunati Nupure Charni Ghagaria

Meaning of “Ratnakhachita Phara Tuja Gaurikumara” :

O Gauri son, Shri Ganesh, this crown crowned with jewels is for you. Sandalwood is applied on your body and saffron tilak is applied on your forehead.

A crown embellished with diamonds and gems adorns you. Nupur of your feet is also causing the sound of melodious chimes.

O ocean of mercy, Shri Ganesh ji, all the wishes of the devotees are fulfilled only by your grace and vision.

Lambodara Pitambara Phanivara Bandhana, Sarala Sonda Vakratunda Trinayana
Daasa Ramacha Vaata Pahe Sadana, Sankati Pavave Nirvani Rakshave Suravaravandana

Meaning of “Lambodara Pitambara Phanivara Bandhana” :

Lord Ganesha with big belly, wearing yellow clothes, you are wearing a dhoti. Your trunk is simple and curved as well as your three eyes. I am waiting for you in my “Sadana” (house) like a devotee of Lord Rama.

O ocean of mercy, Shri Ganesh ji, all the wishes of the devotees are fulfilled only by your grace and vision.

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